सरस्वती स्तोत्र

सरस्वतीजी

18
सरस्वतीजी

सरस्वती स्तोत्र

ज्ञान, कला और संगीत की देवी माता सरस्वती की आराधना का दिव्य स्तोत्र, जो विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

शुभ समय:बसंत पंचमी, परीक्षा से पूर्व
शुभ फल:बुद्धि, विद्या, ज्ञान, वाणी शुद्धि और एकाग्रता
◉श्लोक 1

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥

•

Yā Kundēndutuṣārahāradhavalā Yā Śubhravastrāvṛtā Yā Vīṇāvaradaṇḍamaṇḍitakarā Yā Śvētapadmāsanā | Yā Brahmācyutaśaṅkaraprabhṛtibhirdēvaiḥ Sadā Pūjitā Sā Māṁ Pātu Sarasvatī Bhagavatī Niḥśēṣajāḍyāpahā ||

💡

जो कुंद के फूल, चंद्रमा और बर्फ के हार के समान श्वेत (सफेद) वर्ण वाली हैं, जो सफेद वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथों में वीणा सुशोभित है, जो श्वेत कमल पर बैठती हैं और ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश जैसे देवताओं द्वारा सदा पूजी जाती हैं, वे मंदबुद्धि का नाश करने वाली भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें।

◉श्लोक 2

दोर्भिर्जटिलकचभारविभूषिताङ्गी वीणां करे च दधतीमुपशोभमानाम्। विद्यां ददातु मयि दिव्यकटाक्षपातैः सरस्वती भगवती भवभीतिहन्त्री॥

•

Dōrbhirjaṭilakacabhāravibhūṣitāṅgī Vīṇāṁ Karē Ca Dadhatīm-Upaśōbhamānām | Vidyāṁ Dadātu Mayi Divyakaṭākṣapātaiḥ Sarasvatī Bhagavatī Bhavabhītihantrī ||

💡

जो अपनी चार भुजाओं और घने सुंदर केशों से सुशोभित हैं, हाथों में वीणा धारण कर परम सुंदर लग रही हैं, वे संसार के भय का नाश करने वाली भगवती सरस्वती अपने दिव्य कटाक्ष (कृपादृष्टि) से मुझे विद्या का दान दें।

◉श्लोक 3

सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणी। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥

•

Sarasvatī Namastubhyaṁ Varadē Kāmarūpiṇī | Vidyārambhaṁ Kariṣyāmi Siddhirbhavatu Mē Sadā ||

💡

हे वर देने वाली और इच्छानुसार रूप धारण करने वाली माता सरस्वती! आपको मेरा सादर नमस्कार। मैं अपनी विद्या का आरम्भ करने जा रहा हूँ, मुझे सदा सफलता प्राप्त हो।

◉श्लोक 4

श्वेतपद्मपत्राक्षी श्वेतपुष्पोपशोभिता। श्वेतवस्त्रावृता देवी श्वेतगन्धानुलेपना॥

•

Śvētapadmapatrākṣī Śvētapuṣpōpaśōbhitā | Śvētavastrāvṛtā Dēvī Śvētagandhānulēpanā ||

💡

सफेद कमल की पंखुड़ियों के समान बड़ी आँखों वाली, श्वेत फूलों से सजी हुई, सफेद वस्त्रों में लिपटी हुई और मस्तक पर सफेद चंदन का लेप लगाए रहने वाली देवी सरस्वती को प्रणाम है।

सरस्वतीजी
✦✦✦

स्तोत्र पाठ सम्पूर्ण

आपने सरस्वती स्तोत्र का पाठ पूर्ण किया। सरस्वतीजी की कृपा आप पर सदा बनी रहे।