श्री लक्ष्मी अष्टकम्

लक्ष्मीजी

18
लक्ष्मीजी

श्री लक्ष्मी अष्टकम्

इंद्र देव द्वारा देवी लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए गाया गया आठ श्लोकों का सुंदर स्तोत्र, जो घर में सुख और शांति लाता है।

शुभ समय:शुक्रवार, दीपावली, धनतेरस
शुभ फल:धन, समृद्धि, ऐश्वर्य, और शांति
◉श्लोक 1

नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते॥

•

Namastē'stu Mahāmāyē Śrīpīṭhē Surapūjitē | Śaṅkhacakragadāhastē Mahālakṣmī Namō'stu Tē ||

💡

हे महान माया की स्वामिनी! देवताओं द्वारा पूजित श्रीपीठ (कोल्हापुर) में निवास करने वाली, अपने हाथों में शंख, चक्र और गदा धारण करने वाली महालक्ष्मी! आपको मेरा कोटि-कोटि प्रणाम है।

◉श्लोक 2

नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि। सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते॥

•

Namastē Garuḍārūḍhē Kolāsurabhayaṅkari | Sarvapāpaharē Dēvi Mahālakṣmī Namō'stu Tē ||

💡

गरुड़ पर सवारी करने वाली, कोलासुर नाम के भयानक राक्षस को भयभीत करने वाली और सभी पापों का नाश करने वाली देवी महालक्ष्मी! आपको नमस्कार है।

◉श्लोक 3

सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि। सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते॥

•

Sarvajñē Sarvavaradē Sarvaduṣṭabhayaṅkari | Sarvaduḥkhaharē Dēvi Mahālakṣmī Namō'stu Tē ||

💡

सब कुछ जानने वाली, सभी वरदान देने वाली, दुष्टों को भयभीत करने वाली और सभी दुखों को हरने वाली देवी महालक्ष्मी! आपको मेरा प्रणाम है।

◉श्लोक 4

सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि। मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते॥

•

Siddhibuddhipradē Dēvi Bhuktimuktipradāyini | Mantrapūtē Sadā Dēvi Mahālakṣmī Namō'stu Tē ||

💡

सिद्धि और बुद्धि प्रदान करने वाली, भोग और मोक्ष देने वाली, मन्त्रों से पूजित रहने वाली हे देवी महालक्ष्मी! आपको बारम्बार नमन है।

लक्ष्मीजी
✦✦✦

स्तोत्र पाठ सम्पूर्ण

आपने श्री लक्ष्मी अष्टकम् का पाठ पूर्ण किया। लक्ष्मीजी की कृपा आप पर सदा बनी रहे।