त्यौहार

प्रदोष व्रत: पावन महत्व, संपूर्ण पूजा विधि और व्रत नियम

माय सनातनी शोध परिषद24 त्रयोदशी, 2026५ मिनट पठन
प्रदोष व्रत: पावन महत्व, संपूर्ण पूजा विधि और व्रत नियम
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मुख्य जानकारी

त्योहार

प्रदोष व्रत

2026 तारीख

24 त्रयोदशी, 2026

पिछले वर्ष की तारीख

पंचांग द्वारा सत्यापित

तिथि

त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष)

पूजा मुहूर्त

12:01 PM - 12:25 PM

मुख्य देव/देवी

भगवान शिव (महादेव)

मुख्य क्षेत्र

समस्त भारत एवं वैश्विक सनातनी समाज

मुख्य संदेश

चित्त शुद्धि, विघ्न निवारण, आध्यात्मिक शांति और ईश्वरीय अनुग्रह।

त्योहार

प्रदोष व्रत

2026 तारीख

24 त्रयोदशी, 2026

पिछले वर्ष की तारीख

पंचांग इंजन द्वारा सत्यापित

तिथि

त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष)

पूजा मुहूर्त

12:01 PM - 12:25 PM

मुख्य देव/देवी

भगवान शिव (महादेव)

मुख्य क्षेत्र

समस्त भारत एवं वैश्विक सनातनी समाज

मुख्य संदेश

चित्त शुद्धि, विघ्न निवारण, आध्यात्मिक शांति और ईश्वरीय अनुग्रह।

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"त्रिनेत्रं त्रिशूलिनं चन्द्रमौलिं महेश्वरम् । वन्दे भक्तार्तिशमनं शम्भुं सर्ववरप्रदम् ॥" — शिव रहस्य / स्कन्द पुराण (Skanda Purana)

१. पावन महत्व और आध्यात्मिक रहस्य

प्रदोष व्रत प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में रखा जाता है। महादेव शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने और समस्त दोषों से मुक्ति हेतु यह व्रत अत्यंत फलदायी है।

२. प्रामाणिक पूजा सामग्री चेकलिस्ट

पूजा सामग्री चेकलिस्ट

आवश्यक सामग्री

ऐच्छिक सामग्री

सरल विकल्प

  • भगवान आशुतोष केवल एक लोटे शुद्ध जल और सच्चे हृदय के समर्पण से भी परम प्रसन्न हो जाते हैं।

३. शास्त्रीय नियम: क्या करें और क्या न करें

क्या करें

  • प्रदोष काल (सूर्यास्त से ४५ मिनट पूर्व व पश्चात) में मुख्य शिव पूजन करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र अथवा 'ॐ नमः शिवाय' का १०८ बार जाप करें।
  • बेलपत्र का चिकना भाग शिवलिंग की ओर करके अर्पित करें।

क्या न करें

  • शिवलिंग पर कुमकुम, केतकी पुष्प अथवा हल्दी न चढ़ाएं।
  • शिवलिंग की आधी परिक्रमा करें, जलधारी (सोम सूत्र) को न लांघें।
  • क्रोध, अशांति और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

४. आज आप क्या कर सकते हैं? (सरल कदम)

आज के लिए ३ व्यावहारिक एवं फलदायी कदम

आज के लिए 3-5 सरल और व्यावहारिक कार्य

1शाम के समय नजदीकी शिवालय में जल में कच्चा दूध मिलाकर जलाभिषेक करें।
2शिव तांडव स्तोत्र अथवा शिव चालीसा का सस्वर पाठ करें।
3नंदी भगवान (बैल) को हरा चारा या फल खिलाएं।

५. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

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