त्यौहार
एकादशी व्रत: पावन महत्व, संपूर्ण पूजा विधि और व्रत नियम
माय सनातनी शोध परिषद22 एकादशी, 2026५ मिनट पठन

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मुख्य जानकारी
त्योहार
एकादशी व्रत
2026 तारीख
22 एकादशी, 2026
पिछले वर्ष की तारीख
पंचांग द्वारा सत्यापित
तिथि
एकादशी (शुक्ल पक्ष)
पूजा मुहूर्त
12:01 PM - 12:25 PM
मुख्य देव/देवी
भगवान श्री हरि विष्णु
मुख्य क्षेत्र
समस्त भारत एवं वैश्विक सनातनी समाज
मुख्य संदेश
चित्त शुद्धि, विघ्न निवारण, आध्यात्मिक शांति और ईश्वरीय अनुग्रह।
त्योहार
एकादशी व्रत
2026 तारीख
22 एकादशी, 2026
पिछले वर्ष की तारीख
पंचांग इंजन द्वारा सत्यापित
तिथि
एकादशी (शुक्ल पक्ष)
पूजा मुहूर्त
12:01 PM - 12:25 PM
मुख्य देव/देवी
भगवान श्री हरि विष्णु
मुख्य क्षेत्र
समस्त भारत एवं वैश्विक सनातनी समाज
मुख्य संदेश
चित्त शुद्धि, विघ्न निवारण, आध्यात्मिक शांति और ईश्वरीय अनुग्रह।
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"न गंगा न गया काशी न च तीर्थं च वैष्णवम् । एकादश्याः समं पुण्यं विद्यते न कलौ युगे ॥" — पद्म पुराण (Padma Purana, Uttarakhanda)१. पावन महत्व और आध्यात्मिक रहस्य
एकादशी व्रत प्रत्येक माह के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) की ग्यारहवीं तिथि को रखा जाता है। जगतपालक भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित यह व्रत सभी व्रतों का राजा माना गया है, जो चित्त शुद्धि और मोक्ष प्रदान करता है।
२. प्रामाणिक पूजा सामग्री चेकलिस्ट
पूजा सामग्री चेकलिस्ट
आवश्यक सामग्री
ऐच्छिक सामग्री
सरल विकल्प
- यदि विस्तृत सामग्री न हो, तो केवल एक तुलसी दल और शुद्ध जल सच्चे प्रेम से अर्पित करने पर भी श्री हरि पूर्ण प्रसन्न होते हैं।
३. शास्त्रीय नियम: क्या करें और क्या न करें
क्या करें
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र भाव से स्नान करें।
- 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' महामंत्र का निरंतर मानसिक जाप करें।
- द्वादशी के पारण के समय जरूरतमंदों को अन्नदान करें।
क्या न करें
- अन्न, चावल, दाल, लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन का पूर्ण त्याग रखें।
- एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें।
- दिन में सोने, क्रोध करने, झूठ बोलने और व्यर्थ विवाद से बचें।
४. आज आप क्या कर सकते हैं? (सरल कदम)
आज के लिए ३ व्यावहारिक एवं फलदायी कदम
आज के लिए 3-5 सरल और व्यावहारिक कार्य
1सायंकाल तुलसी महारानी के सम्मुख शुद्ध घी का दीपक जलाकर परिक्रमा करें।
2श्रीमद्भगवद्गीता के १२वें (भक्ति योग) अथवा १५वें अध्याय का पाठ करें।
3प्रातः सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य अर्पित करें।
५. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
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