त्यौहार

संकष्टी चतुर्थी: पावन महत्व, संपूर्ण पूजा विधि और व्रत नियम

माय सनातनी शोध परिषद30 चतुर्थी, 2026५ मिनट पठन
संकष्टी चतुर्थी: पावन महत्व, संपूर्ण पूजा विधि और व्रत नियम
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मुख्य जानकारी

त्योहार

संकष्टी चतुर्थी

2026 तारीख

30 चतुर्थी, 2026

पिछले वर्ष की तारीख

पंचांग द्वारा सत्यापित

तिथि

चतुर्थी (कृष्ण पक्ष)

पूजा मुहूर्त

11:59 AM - 12:23 PM

मुख्य देव/देवी

भगवान श्री गणेश

मुख्य क्षेत्र

समस्त भारत एवं वैश्विक सनातनी समाज

मुख्य संदेश

चित्त शुद्धि, विघ्न निवारण, आध्यात्मिक शांति और ईश्वरीय अनुग्रह।

त्योहार

संकष्टी चतुर्थी

2026 तारीख

30 चतुर्थी, 2026

पिछले वर्ष की तारीख

पंचांग इंजन द्वारा सत्यापित

तिथि

चतुर्थी (कृष्ण पक्ष)

पूजा मुहूर्त

11:59 AM - 12:23 PM

मुख्य देव/देवी

भगवान श्री गणेश

मुख्य क्षेत्र

समस्त भारत एवं वैश्विक सनातनी समाज

मुख्य संदेश

चित्त शुद्धि, विघ्न निवारण, आध्यात्मिक शांति और ईश्वरीय अनुग्रह।

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"वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ । निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥" — गणेश पुराण (Ganesh Purana)

१. पावन महत्व और आध्यात्मिक रहस्य

विनायक चतुर्थी प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को समर्पित यह पावन दिन साधकों को बुद्धि, ऋद्धि-सिद्धि और समस्त विघ्नों से मुक्ति प्रदान करता है।

२. प्रामाणिक पूजा सामग्री चेकलिस्ट

पूजा सामग्री चेकलिस्ट

आवश्यक सामग्री

ऐच्छिक सामग्री

सरल विकल्प

  • यदि दूर्वा या मोदक उपलब्ध न हों, तो केवल शुद्ध जल और गुड़ का डली भी सच्चे भाव से अर्पित करने पर गणपति प्रसन्न होते हैं।

३. शास्त्रीय नियम: क्या करें और क्या न करें

क्या करें

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर स्वच्छ लाल अथवा पीले वस्त्र धारण करें।
  • गणेश जी को २१ दूर्वा दल के जोड़े श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।
  • 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का १०८ बार एकाग्र मन से जाप करें।

क्या न करें

  • चतुर्थी की रात्रि को सीधे चंद्र दर्शन से बचें (पौराणिक निषेध)।
  • गणेश जी के पूजन में कभी भी तुलसी पत्र अर्पित न करें।
  • क्रोध, कटु वचन, वाद-विवाद और तामसिक भोजन का पूर्ण त्याग रखें।

४. आज आप क्या कर सकते हैं? (सरल कदम)

आज के लिए ३ व्यावहारिक एवं फलदायी कदम

आज के लिए 3-5 सरल और व्यावहारिक कार्य

1सायंकाल घर के मुख्य द्वार और देवस्थान पर देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें।
2संकट नाशन गणेश स्तोत्र का पाठ कर जीवन की बाधाएं दूर करने की प्रार्थना करें।
3गौमाता को गुड़ अथवा हरा चारा खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त करें।

५. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

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