शिव पञ्चाक्षर मंत्र

शिवजी

18
शिवजीभक्ति और उपासना

शिव पञ्चाक्षर मंत्र

पांच अक्षरों (न, म, शि, वा, य) से बना भगवान शिव का अत्यंत लोकप्रिय और जाग्रत महामंत्र।

शुभ समय:सोमवार, शिवरात्रि, संध्या काल
मुख्य लाभ:अहंकार का नाश, आत्मबोध, आंतरिक शक्ति (Dissolution of ego, self-realization, inner strength)

लाइव जप माला काउंटर

0/ 108
कुल माला जाप:0 Completed
जाप करने की विधि

आंखें बंद करके रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर १०८ बार शांत मन से जपें।

ॐ नमः शिवाय॥

Om Namaḥ Śivāya ||

अर्थ

मैं भगवान शिव (कल्याणकारी परम चेतना) को नमन करता हूँ। यह सृष्टि के पंच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) की शुद्धि का मंत्र है।