नृसिंह महा मंत्र
भगवान नृसिंह
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भगवान नृसिंहरक्षा और शक्ति
नृसिंह महा मंत्र
भगवान विष्णु के सिंह-मानव अवतार नृसिंह देव का उग्र और रक्षक महामंत्र।
शुभ समय:शत्रु भय में, घोर संकट, ग्रहण काल
मुख्य लाभ:शत्रुओं पर विजय, भय से मुक्ति, तंत्र बाधा निवारण (Victory over obstacles/enemies, absolute fearlessness)
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जाप करने की विधि
संध्याकाल (गोधूलि वेला) में शांत मन से पूर्ण पवित्रता के साथ जपें।
उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
Ugraṁ Vīraṁ Mahāviṣṇuṁ Jvalantaṁ Sarvatōmukham | Nṛsiṁhaṁ Bhīṣaṇaṁ Bhadraṁ Mṛtyumṛtyuṁ Namāmyaham ||
अर्थ
जो अत्यंत उग्र, परम वीर, महाविष्णु स्वरूप हैं, जो सब ओर से धधकते हुए तेजवान हैं, जिनका मुख सर्वतोमुखी है, जो भयानक सिंह रूप होते हुए भी भक्तों के कल्याणकारी हैं, और जो साक्षात् मृत्यु के भी मृत्यु (काल के काल) हैं, उन भगवान नृसिंह को मैं प्रणाम करता हूँ।