महामृत्युंजय मंत्र

महादेव शिव

18
महादेव शिवआरोग्य और स्वास्थ्य

महामृत्युंजय मंत्र

ऋग्वेद का अत्यंत शक्तिशाली मंत्र जो मृत्युंजय शिव की स्तुति करता है और जन्म-मरण के बंधन से मुक्त करता है।

शुभ समय:बीमारी में, सोमवार, प्रदोष काल
मुख्य लाभ:अकाल मृत्यु से रक्षा, मानसिक और शारीरिक आरोग्य, भयमुक्ति (Protection from early death, disease healing, peace)

लाइव जप माला काउंटर

0/ 108
कुल माला जाप:0 Completed
जाप करने की विधि

कुश के आसन पर बैठकर रुद्राक्ष माला से कम से कम १०८ बार जप करें। (Chant 108 times daily using Rudraksha.)

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

Om Tryambakaṁ Yajāmahe Sugandhiṁ Puṣṭivardhanam | Urārukamiva Bandhanān Mṛtyōrmukṣīya Mā'mṛtāt ||

अर्थ

हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो सुगंधित हैं और भक्तों का पोषण करते हैं। जैसे पका हुआ खरबूजा बेल के बंधन से प्राकृतिक रूप से मुक्त हो जाता है, वैसे ही हम भी मृत्यु और संसार के बंधनों से मुक्त हों, किंतु अमरता (मोक्ष) से विमुख न हों।