ॐ लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु

समस्त सृष्टि

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समस्त सृष्टिशांति और कल्याण

ॐ लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु

सनातन धर्म के वसुधैव कुटुंबकम् के मूल सिद्धांत को अभिव्यक्त करने वाला मंत्र।

शुभ समय:सत्संग का अंत, प्रार्थना सभा
मुख्य लाभ:उदार चरित्र का निर्माण, निस्वार्थ प्रेम, करुणा (Developing empathy, selfless love, compassion)

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जाप करने की विधि

हाथ जोड़कर नेत्र बंद करके जगत के कल्याण की भावना के साथ बोलें।

ॐ लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

Om Lōkāḥ Samastāḥ Sukhinō Bhavantu | Om Śāntiḥ Śāntiḥ Śāntiḥ ||

अर्थ

इस संसार के सभी लोक और समस्त प्राणी सुखी और स्वतंत्र रहें। मेरे विचार, शब्द और कर्म सभी के सुख में सहायक बनें। ॐ शांति, शांति, शांति।