महा गायत्री मंत्र
गायत्री माता
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गायत्री मातागायत्री मंत्र
महा गायत्री मंत्र
ऋग्वेद का अत्यंत प्रभावशाली महामंत्र जो बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करता है।
शुभ समय:प्रातःकाल, दैनिक संध्या
मुख्य लाभ:बुद्धि का विकास, एकाग्रता, आत्मिक शुद्धि (Intellect growth, focus, spiritual purity)
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जाप करने की विधि
सूर्योदय के समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके ३, ११, या १०८ बार जपें। (Chant facing east during sunrise 3, 11, or 108 times.)
ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥
Om Bhūr Bhuvaḥ Svaḥ | Tat Savitur Varēṇyaṁ Bhargō Dēvasya Dhīmahi | Dhiyō Yō Naḥ Pracōdayāt ||
अर्थ
उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा का हम ध्यान करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग (सही मार्ग) पर प्रेरित करे।