दुर्गा मंत्र (सर्वमंगल मांगल्ये)

माँ दुर्गा

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माँ दुर्गारक्षा और शक्ति

दुर्गा मंत्र (सर्वमंगल मांगल्ये)

देवी महात्म्य का मंगलकारी श्लोक जो आदि शक्ति नारायणी की शरण में जाने के लिए है।

शुभ समय:नवरात्रि, संकट के समय
मुख्य लाभ:सुरक्षा कवच, विघ्नों का नाश, समस्त इच्छाओं की पूर्ति (All-round protection, fulfilling wishes)

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जाप करने की विधि

देवी माँ की प्रतिमा के समक्ष लाल फूल अर्पित कर दीपक जलाकर ११ या १०८ बार जपें।

सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

Sarvamaṅgala Maṅgalyē Śivē Sarvārthasādhikē | Śaraṇyē Tryambakē Gauri Nārāyaṇi Namō'stu Tē ||

अर्थ

हे नारायणी! आप सभी मंगलों में मंगल रूप हैं, अत्यंत कल्याणकारी हैं, सभी पुरुषार्थों (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) को सिद्ध करने वाली हैं। शरण लेने योग्य, तीन नेत्रों वाली हे गौरी! आपको नमस्कार है।