श्री राम चालीसा
भगवान राम
श्री राम चालीसा
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी की पावन लीलाओं और मर्यादा का सुंदर गुणगान।
श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुनहु विनय प्रभु विपत विहारी॥
Shree Raghuveer Bhakt Hitakaaree | Sunahu Vinay Prabhu Vipat Vihaaree ||
भक्तों का कल्याण करने वाले हे प्रभु श्री राम! विपत्ति के समय रक्षा करने वाले भगवान, मेरी प्रार्थना सुनिए।
जय जय राम अवध के राजा। संकट हरन संवारन काजा॥
Jai Jai Ram Avadh Ke Raaja | Sankat Haran Sanvaaran Kaaja ||
अयोध्या के राजा प्रभु श्रीराम की जय हो, जो संकटों को दूर करते हैं और सभी बिगड़े काम बनाते हैं।
सीतापति सुंदर सुखदाता। तुम ही मेरे भाग्य विधाता॥
Seetaapati Sundar Sukhadaata | Tum Hee Mere Bhaagya Vidhaata ||
माता सीता के स्वामी, सुख देने वाले प्रभु राम ही मेरे जीवन के भाग्य विधाता हैं।
राम चालीसा जो पढ़े, मन में धरे विश्वास। ताके कारन सिद्ध सब, पूरे होवे आस॥
Ram Chalisa Jo Padhe, Man Mein Dhare Vishvaas | Taake Kaaran Siddh Sab, Poore Hove Aas ||
जो कोई भी पूरे विश्वास के साथ राम चालीसा का पाठ करता है, उसके सारे अटके काम पूरे हो जाते हैं।
चालीसा पाठ सम्पूर्ण
आपने श्री राम चालीसा का पाठ पूर्ण किया। भगवान राम आपको बल, बुद्धि और कल्याण प्रदान करें।